योग का रक्त परिसंचरण तंत्र पर प्रभाव

योग का मानव रक्त परिसंचरण तंत्र पर बडा ही आश्चर्य जनक प्रभाव देखने को मिलता है। रक्त परिसंचरण तंत्र मानव शरीर का एक अति आवश्यक संस्थान है। जिसके माध्यम से पानी आहार तथा आक्सीजन व अन्य महत्वपूर्ण पदार्थ उतको व कोशिकाओ तक पहुंचते है। इस क्रिया में रक्त, हदय व रक्त वाहनियो का मिला जुला योगदान होता है।

हमारे शरीर में रक्त परिसंचरण पर योगिक क्रियाओ का क्या प्रभाव पडता है नीचे पढे।

1 – शव आसन,याोगनिद्रा व दण्डासन के लगातार अभ्यास से मानसिक तनाव का प्रभाव कम होता है व यह धीरे धीरे ठीक होने लग जाता है । जिस कारण  (Sympathetic Nerve) की क्रियाशीलता कम हो जाती है। जिसके फलस्वरुप रक्तदाब कम हो जाता है।

2 – सर्वागासन, शीर्षासन से रक्त की गति सिर की तरफ ज्यादा हो जाती है। जिसके फलस्वरुप सर वाले भाग को अधिक रक्त मिलने लगता है। जिससे मानसिक रोगो में लाभ के साथ साथ मानसिक उत्साह में भी वृद्धि होती है।

3 – खोपडी (मस्तिक) में स्थित नाडीयो  का केन्द्र बिन्दु शांत होता है।

4 – पवनमुक्तासन, शशांकासन, वज्रासन व शीतली , शीतकारी व भ्रामरी प्राणायाम के रोज प्रयोग से उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) कम होने लगता है।

5 – नाडीशोधन प्रणायाम व भस्त्रिका प्रणायाम के नियमित अभ्यास से निम्न रक्तचाप (Low Blood Pressure ) संतुलित होने लगता है।

5 – सुर्यनमस्कार, शलभासन, सर्वागासन, भुजंगासन, शीर्षासन के अभ्यास से रक्त में वृद्धि होने लगती है।

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