केनोपनिषद

केनोपनिषद :- यह उपनिषद सामवेद के तलवकार ब्राह्मण के 9वीं अध्याय के अंतर्गत है। तलवार को जैमिनीय उपनिषद भी कहते हैं। केनोपनिषद के चार खंड हैं। उपनिषद में शिष्य गुरु से सवाल करता है कि आंख कान नाक हमारी इंद्रियां किसके द्वारा प्रेरित होती हैं। हमारा प्राण ईश्वर से प्रेरित होता है। ईश्वर ही ब्रह्म … Read more

कठोपनिषद

कठोपनिषद :- यजुर्वेद की कठ शाखा से इसका निर्माण हुआ है। यह दूसरे अध्याय की तीसरी वल्ली है, इसमें वाजश्रवा ऋषि, नचिकेता और यम का संवाद है। वाजश्रवा की कहानी – पुराने समय में यज्ञ के समय कुछ ना कुछ अपनी प्रिय वस्तु दान देने की प्रथा थी। तब वाजश्रवा ऋषि ने बहुत ही बड़ा … Read more

योग की मूलभूत अवधारणाएं | Yog Ki Mulbhut Avdharna in Hindi

योग के आधारभूत तत्व योग की अवधारणा में सबसे पहले योग के अर्थ को जानना सबसे आवश्यक है अलग-अलग ऋषि मुनियों की अलग-अलग परिभाषाएं जैसे योग का अर्थ होता है जोड़ना अर्थात आत्मा का परमात्मा से मिलन योग है। महर्षि पतंजलि के अनुसार चित्त की वृत्तियों को रोकना ही योग है। इसी प्रकार गीता में … Read more

ईशावास्योपनिषद क्या है परिचय

ईशावास्योपनिषद शुक्ल यजुर्वेद का 40 वां अध्याय है । इसमें कुल 15 मंत्र हैं । संपूर्ण जगत ईश्वर से बना है, यह एक छोटा उपनिषद है इसमें गीता के 18 अध्याय के 18 मंत्र हैं । इशावस्यम प्रथम मंत्र के होने के कारण इसे ईशावास्योपनिषद कहा जाता है । पूरा जगत ईश्वर के द्वारा निर्मित … Read more

भक्ति क्या है ? भक्ति और भक्त के प्रकार | bhakti kya hai

भक्ति का अर्थ पूजन , वंदना, संगीत, अर्चना करने वाले यह सभी भक्त कहलाते हैं। भजना कर्म करना भगवान की सेवा करना, यह मनुष्य की आवश्यकता है भक्ति की आवश्यकता है जोड़ना, परमात्मा के साथ जुड़ाव को भक्ति योग कहते हैं। भक्ति की परिभाषा जिस कर्म के अनुसार अपने इष्ट की सेवा की जाए उसे … Read more

श्रीमद भगवद गीता के अनुसार योग सिद्धि के लक्षण क्या है | Shrimad Bhagwat Geeta ke Anusaar Yog Sidhi ke Lakshan

श्रीमद भगवत गीता के अनुसार भगवान श्री कृष्ण योग सिद्धि के लक्षणों के बारे में कहते हैं कि मनुष्य को योग की सिद्धि होने पर उसकी आत्मा शुद्ध हो जाती है उसका मन शुद्ध हो जाता है वह अपने आप को हल्का महसूस करता है। अपनी आत्मा को वह जाने लेता है अर्थात उससे सत्य … Read more

पतंजलि के अनुसार ध्यान की परिभाषा | Patanjali ke Anusaar Dhyan ki Paribhasha in Hindi

ध्यान क्या है पतंजलि के अनुसार ध्यान की परिभाषा :- प्रत्येक महापुरुषों के अनुसार ध्यान को अलग-अलग रूप से परिभाषित किया गया है और इनकी अलग-अलग परिभाषा ओं को मान्यता दी गई है यहां हम महर्षि पतंजलि ध्यान के बारे में क्या बताते हैं इस पर हम चर्चा करते हैं जहां चित् को लगाया जाए … Read more

108 बार किया करीना कपूर खान ने सूर्य नमस्कार

मशहूर बॉलीवुड एक्टर करीना कपूर अपने योगासन के लिए समय-समय पर ट्रेंडिंग में रहती है। लेकिन इस बार उन्होंने इंस्टाग्राम के माध्यम से अपने चाहने वालों को ट्रोल करके बताया कि उन्होंने 108 बार सूर्य नमस्कार किया है। उनकी प्रेगनेंसी के बाद उनका वजन काफी बढ़ गया था। लेकिन करीना कपूर ने अपना वजन योग … Read more

नंगे शरीर धरती पर बैठने , लेटने और सोने के लाभ | Sleeping on the Earth Without Clothes Benefits in hindi

नंगे पाँव धरती पर चलना लाभदायक है इसमें कोई संदेह नही है। इसकी अपेक्षा नीचे धरती में नंगे बैठना, लेटना, सोना और कही गुना अधिक लाभकारी है। क्योकि इस स्थिति में हमारा शरीर धरती के काफी अधिक नजदीक होता है। जिससे हमारी प्राण शक्ति में अधिक वृद्धि होकर हमें ज्यादा मात्रा में लाभ होता है। … Read more

नंगे पैर धरती पे चलने के फायदे

पृथ्वी पर नंगे पांव चलने का लाभ प्रत्यक्ष रूप से महसूस किया जा सकता है इस पृथ्वी पर चलने से जिस शांति और सुकून का अनुभव होता है वह अनुभव पक्के आंगन में या पत्थर के बने हुए आंगन में, जूता पहन कर चलने में कहां अनुभव किया जा सकता है।नंगे पांव सुखी पृथ्वी पर … Read more

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