योग का उद्देश्य क्या है | Yog ka Uddeshya Kya Hai Hindi

योग का प्रमुख उद्देश्य व्यक्ति के जीवन में अंधकार को दूर करना और प्रकाश की ओर ले जाना, अर्थात व्यक्ति को सकारात्मकता प्रदान करना है। व्यक्ति दिनोंदिन अपनी शारीरिक और मानसिक अवस्था को नकारात्मकता के द्वारा बिगड़ता चला जा रहा है। जिसका असर उसके मन शरीर आत्मा तीनों पर पड़ता है। व्यक्ति ईश्वर के प्रति अपना विश्वास खोता चला जा रहा है। तो उसे ईश्वर में विश्वास दिलाना भी योग का उद्देश्य है।

व्यक्ति में आत्मसाक्षात्कार कराना और योग के माध्यम से व्यक्ति को आध्यात्मिकता की ओर ले कर जाना, आसनों के द्वारा उनका शारीरिक विकास करना, प्राणायाम के द्वारा उनको प्राणशक्ति के बारे में बताना व प्राणों का विस्तार करना है। और व्यक्ति को जीवनी शक्ति के बारे में बताना, ध्यान के द्वारा व्यक्ति का मानसिक विकास करना, ध्यान करने पर व्यक्ति को आत्मा का ज्ञान होता है। मानसिक शांति तथा मानसिक स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।

योग का मतलब केवल शारीरिक व्यायाम ही नहीं। अभी तो पूरे शरीर का उपचार है। शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य की प्राप्ति योग के द्वारा ही होती है। शुद्धि क्रिया के माध्यम से शरीर की आंतरिक शुद्धि करना। शरीर को शुद्धीकरण कर उसको मल रहित बनाना।

प्रकृति के माध्यम से व्यक्ति के आहार-विहार दिनचर्या रात्रि और रितु चर्या के बारे में बताना भी योग का उद्देश्य है। प्राण चिकित्सा के द्वारा व्यक्ति को अपनी ही शारीरिक शक्ति (एनर्जी) के बारे में बताना उस शक्ति का एहसास दिलाना जो उसी के अंदर विद्यमान है। व्यक्ति में उर्जा संचार कराना आयु का ज्ञान कराना जो आयुर्वेद से होता है। जिस शास्त्र  के द्वारा आयु का ज्ञान होता है उसे आयुर्वेद कहते हैं।

योग के द्वारा व्यक्ति को पूर्ण स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है योग आज से नहीं अपितु जब से सृष्टि उत्पत्ति हुई थी तब से योग है लेकिन इस विद्या को ऋषि-मुनियों ने गुप्त रखा हुआ था। वह योग के माध्यम से कई वर्षों तक जीवित रहते थे। योग से ही उन्हें उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती थी। वह वर्षों तक बिना खाए पिए साधना में लीन रहते थे। वह योग की शक्ति थी। इसलिए आज योग विश्व भर में प्रसिद्ध है, यही योग का प्रमुख उद्देश्य है।

error: Content is protected !!