श्री गणेश भक्ति की सच्ची कहानी

एक अंधी बूढ़ी माता थी। रोज गणेश जी की पूजा करती थी। उनके लिए फूल फल लाना, उन पर माला ढोलक लड्डू और भी कई व्यंजन बनाती थी। उस बूढ़ी माता ने गणेश जी को अपनी भक्ति से प्रसन्न कर लिया था। भगवान गणेश जी ने प्रसन्न होकर बूढ़ी माता से पूछा की है बुढ़िया … Read more

भगवान गणेश जी प्रथम पूजन की कथा

एक समय की बात है स्वर्ग लोक में देवताओं की सभा हुई थी। बड़े छोटे की बात चल पड़ी कि कौन बड़ा है और कौन छोटा। आखिर में यह निर्णय हुआ कि जो सबसे पहले ब्रह्मांड की सात फेरे करके आएगा उसी को बड़ा माना जाएगा। सब अपनी अपनी सवारी लेकर चल पड़े। भगवान गणेश … Read more

भगवान शंकर की भक्ति और महामृत्युंजय मंत्र का फल एवं प्रभाव

भगवान शिव के सूर्य चंद्र अग्नि रूप तीन नेत्र के कारण इन्हें त्रियंबक नाम से संबोधित किया जाता है। सनातन धर्म प्रेमियों में अनंत देवी देवताओं की पूजा उपासना अर्चना अपनी अपनी श्रद्धा निष्ठा एवं फल आकांक्षाओं की प्राप्ति हेतु की जाती है। मगर उन सब में भगवान आशुतोष (शंकर) की उपासना सर्वोपरि मानी जाती … Read more

करवा चौथ व्रत कथा

कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ कहते हैं। स्त्रियों का यह मुख्य त्यौहार है। यह दशहरे के 10 दिन के बाद आता है। प्रत्येक सुहागन स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र के लिए यह व्रत करती है। इस दिन निर्जला व्रत करें। चंद्र दर्शन के बाद चंद्र को अर्घ्य देकर भोजन करना चाहिए। … Read more

अहोई अष्टमी व्रत कथा विस्तार से

विस्तार में अहोई अष्टमी व्रत कथा एक साहूकार के सात बेटे थे सातों बेटे की शादी हो चुकी थी 1 दिन उनकी बहू है अपनी ननद के साथ चौके के लिए मिट्टी लेने गई ।मिट्टी खोदते समय उनकी ननद से श्याउ के बच्चे मर गए। श्याउ ने कहा कि मैं तुझे श्राप दूंगी तेरी कोख … Read more

भगवान सूर्यनारायण इतिहास, जन्म कथा, महत्व

भगवान सूर्यनारायण के महत्वताइस संसार में भूलोक पर जो भी दृष्टिगोचर है वह सब भगवान सूर्यनारायण की ही कृपा है। सृष्टि के मूल प्रसव है। संपूर्ण लोगों की आत्मा है। पृथ्वी एवं भूलोक पृथ्वी से ऊपर दृष्टिगोचर मात्र आकाश रही सीमा नहीं उसके अनन्य लोक हैं के मध्य स्थित सौर मंडल जहां सभी ग्रह नक्षत्र … Read more

बजरंग बाण का महत्व

हनुमान जी वायु पुत्र के नाम से प्रसिद्ध है। उनके चिन्ह को अपनी ध्वजा पर धारण करें है। अर्जुन ने वायु अर्थात प्राणों पर विजय प्राप्त की थी। प्राण चंचल हुआ तो मन चंचल हो जाता है। प्राण स्थिर होने से मन स्थिर हो जाता है। हनुमान जी की कृपा प्राप्त हो जाने पर मन … Read more

कैसे हनुमान जी के डर से बादशाह ने शहर का नाम शाहजहाँबाद नाम रखा और जगह छोड़कर चले गया

किस प्रकार भगवान हनुमान जी ने गोस्वामी जी को दर्शन दिए एक सच्ची ऐतिहासिक घटना गोस्वामी तुलसीदास जी के आशीर्वाद से एक विधवा का पति जीवित हो गया। यह खबर दिल्ली के मुसलमान बादशाह तक पहुंची। उसने इन्हें बुला भेजा और कहा हमें भी अपनी कोई करामात दिखाओ। गोस्वामी जी ने उत्तर में निवेदन किया। … Read more

शनि देव के प्रभाव एवं निवारण हेतु उपाय और जानिए कैसे मुक्त रहे मुक्त रहे शनि देव के प्रभाव से

नवग्रहों में शनि अत्यधिक दूरी का ग्रह है और तीन वलयाकार दलों से गिरा है इसके 9 उपग्रह चंद्रमा है। कुछ मतों से इसकी संख्या 10 कही गई है शनि को सूर्य की परिक्रमा करने में करीब 30 वर्ष लगते हैं। कहा जाता है कि रावण ने अपने पुत्र मेघनाथ के जन्म समय सब ग्रहों … Read more

गृहस्थ आश्रम का महत्व बताया कबीर दास जी ने।

कबीर जी का इतिहास तो सुना होगा उसके घर जितने लोग आते उन्हें कबीर जी बाहर से ही कहते  “खाना खा कर जाना।” घर में कुछ भी ना हो पर फिर भी वे बाहर से बैठे-बैठे कह देते थे। घर में उनकी पत्नी कमाल पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ता था। एक दिन कमाल ने … Read more

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