शरीर में फास्फोरस की कमी होने पर क्या करें ?

फास्फोरस की कमी से क्या होता है ?

फास्फोरस की कमी होने पर शरीर में यह लक्षण दिखाई देने लगते है जैसे मानसिक थकावट की अनुभूति अधिक होने लगती है। मस्तिष्क अधिक कमजोर होने लगता है। मनुष्य की यादाश्त समाप्त हो जाती है उसके बाल झड़ने और सफेद होने लगते हैं। व्यक्ति को अनिद्रा और पागलपन तक धर दबोचा सकता है। इसकी कमी से व्यक्ति के शरीर की हड्डियां भी तंदुरस्त नहीं हो पाती है और उसके स्नायु तंत्र दुर्बल वा शरीर कमजोर हो जाता है।

यदि व्यक्ति के शरीर में फास्फोरस की मात्रा सही रहती है तो मस्तिष्क सदा तरोताजा और जागृत रहता है। नाड़ी संस्थान स्वस्थ और क्रियाशील होते हैं। इंद्रियां अपना अपना कार्य अच्छे तरीके से करती है। धमनियों में रक्त का संचार ठीक ढंग से होता रहता है। बाल काले और चमकदार बने रहते हैं तथा दंत आर्य सत्य दांत की हड्डियां मजबूत रहती है।

शरीर में फास्फोरस की कमी कैसे पूरी करें ?

यदि शरीर में फास्फोरस की कमी को पूर्ण करना है तो इसके लिए व्यक्ति को अपने खानपान में सुधार करना होगा।  प्याज और मछली में फास्फोरस अधिक मात्रा में पाया जाता है। वह इनका सेवन करके इसकी मात्रा बढ़ा सकता है।
और जैसे नींबू, टमाटर, गाजर, रसभरी जामुन, अमरूद, अनार, सेब, पपीता, पका हुआ कटहल, इमली, आडू, चकोतरा, बेर, लहसुन, अंजीर, खजूर, बादाम, अखरोट, किसमिस, पिस्ता, आलू, सेम, मसूर, पनीर, बंद गोभी फूलगोभी खीरा, ककड़ी, मूली, पालक, दाले, गेहूं, जौ, बाजरा, दूध, मूंग और अंडे की जर्दी आदि में यह पाया जाता होता है। यह सभी फास्फोरस के प्रमुख स्रोत है, यदि यक्ति इन सभी चीजों का सेवन करना शुरू कर देता है तो उसके शरीर मे फास्फोरस की कमी को संतुलित किया जा सकता है और वह एक स्वस्थ जीवन का आनंद ले सकता है।

खान पान के साथ साथ आप नियमित रूप से योग आसन , प्राणायाम, ध्यान, करे जल्दी ही आप को लाभ होगा ।

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