उत्तराखंड के राष्ट्रीय उद्यान व उनसे सम्बंधित प्रश्नोत्तरी | Uttarakhand Ke Rashtriya Udyan

1- गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान

यह उद्यान उत्तरकाशी जिले में 2390 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है और यह क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तराखंड का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। जिसकी स्थापना सन 1989 में हुई थी इस उद्यान का पूर्वी क्षेत्र तिब्बत  से लगा हुआ है।

2- राजाजी राष्ट्रीय उद्यान

राजाजी नेशनल पार्क का क्षेत्रफल 820 वर्ग किलोमीटर तक का है । इस उद्यान की स्थापना 1983 में हुई थी और यह उद्यान तीन जिलों क्रमशः हरिद्वार देहरादून और पौड़ी में विस्तृत है । इस उद्यान का मुख्यालय देहरादून में स्थित है।

3 – कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान

यह उद्यान 2 जिलों पौड़ी और नैनीताल में फैला हुआ है। जिसका क्षेत्रफल लगभग 520 वर्ग किलोमीटर का है जिसमें से 312 वर्ग किलोमीटर पौड़ी और 208 वर्ग किलोमीटर नैनीताल में है। इसका प्रवेश द्वार रामनगर के पास ही ढिकाला नामक स्थान पर है। इस उद्यान की स्थापना वर्ष सन 1936 में हैली राष्ट्रीय उद्यान के नाम से हुई थी। यह एशिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान है ।

बाघों की संख्या में कमी को देखते हुए सरकार ने 1 नवंबर सन 1973 में इसी भारत का पहला बाघ संरक्षित घोषित किया था। जिसके पश्चात यहां बाघों की संख्या में अधिक वृद्धि हुई। इस पार्क में 550 से ऊपर पक्षियों की प्रजातियां एवं स्तनधारी जीव पाए जाते हैं बाघ, तेंदुआ ,हाथी ,अजगर आदि भी यहां पाए जाते हैं।

4 – नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान

चमोली जिले में 624 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ यह राष्ट्रीय उद्यान विश्व धरोहर में शामिल है जिसकी स्थापना 1982 में की गई और विश्व धरोहर में इसे 1988 में शामिल किया गया इस उद्यान में प्रमुख रूप से हिमालयन मस्क डियर, भालू ,मोनाल पक्षी, कस्तूरी मृग आदि रहते हैं। 

5 – गोविंद राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य

गोविंद राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1980 में उत्तरकाशी जिले में की गई । जिसका क्षेत्रफल 472 वर्ग किलोमीटर का है। इस उद्यान को 1955 में वन्य जीव अभ्यारण के रूप में शुरू किया गया था लेकिन बाद में इसे राष्ट्रीय उद्यान बनाया गया। 
यहां पर भूरा भालू, तेंदुआ, भरल, मोनाल आदि पशु पक्षी रहते हैं। 

6- फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान


चमोली जिले में स्थित इस उद्यान का क्षेत्रफल 87.5 वर्ग किलोमीटर है । जिसकी स्थापना 1982 में हुई थी और  खोज 1931 में फ्रैंक स्माइथ नाम के टूरिस्ट ने की थी जो कि इस रास्ते से बद्रीनाथ की यात्रा पर जा रहा था । लेकिन अचानक से वह रास्ता भटक गया और उसने इस वैली ऑफ फ्लावर के दर्शन किए । इस उद्यान में हजारों प्रकार के फूल और जीव जंतु है फ्रैंक स्माइथ द्वारा अपने पुस्तक द वैली ऑफ फ्लावर मैं इसका वर्णन किया है इस पुस्तक के अध्ययन के उपरांत ही विदेशी पर्यटकों की रूचि इस क्षेत्र में बड़ी और लोगों का रुझान इस ओर होने लगा। 

द वैली ऑफ फ्लावर को यूनेस्को द्वारा 14 जुलाई 2005 को विश्व धरोहर में शामिल किया गया। 

उत्तराखंड के राष्ट्रीय उद्यानो से सम्बंधित प्रश्नोत्तरी (FAQ)


प्रश्न – क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तराखंड का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान कौन सा है?
उत्तर – गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान

प्रश्न – गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान का क्षेत्रफल कुल कितना है?
उत्तर – 2390 वर्ग किलोमीटर

प्रश्न – एशिया एवं भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान कौन सा है?
उत्तर – कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान

प्रश्न – विश्व धरोहर में शामिल होने वाला उत्तराखंड का पहला उद्यान कौन सा है?
उत्तर – नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान 1988 में

प्रश्न – द वैली ऑफ फ्लावर को विश्व धरोहर में कब शामिल किया गया?
उत्तर – 14 जुलाई 2005

प्रश्न – फूलों की घाटी की खोज किसने की थी
उत्तर – फ्रैंक इस्माइथ ने

प्रश्न – विश्व धरोहर में शामिल 2 राष्ट्रीय उद्यानों के नाम
उत्तर – नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यानद वैली ऑफ फ्लावर

प्रश्न – कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान कितने जिलों में फैला हुआ है?
उत्तर – 2 जिलों नैनीताल और पौड़ी में

प्रश्न – नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान कहां स्थित है?
उत्तर – चमोली में

प्रश्न – राजाजी राष्ट्रीय उद्यान कितने जिलों में फैला है?
उत्तर – 3 जिलों में देहरादून हरिद्वार और पौड़ी

प्रश्न – गोविंद राष्ट्रीय उद्यान की कब हुई ?
उत्तर – गोविंद राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1980 में हुई

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