मोटापा कम करने के लिए योग | Yoga for Obesity in Hindi


मोटापा कम करने के लिए योग (Yoga For Obesity) :-आधुनिक समय में जीवन शैली पूरी तरीके से परिवर्तित हो चुकी है जिसके कारण शरीर रोगों का घर बनता जा रहा है और इन लोगों में प्रमुख रूप से एक समस्या मोटापे की है यह लाइलाज रोग नहीं है लेकिन यदि हमने इसे नजरअंदाज किया तो यह अन्य रोगों को जैसे हाई ब्लड प्रेशर ,डायबिटीज, अपचन और कब्ज आदि रोगों को न्यौता देती है, मोटापे से निजात पाने के लिए योग एक सबसे बड़ा स्रोत है इसके माध्यम से हम मोटापे को आसानी से कम कर सकते हैं

बहुत सारे लोग अपने वजन को कम तो करना चाहते हैं लेकिन उसके लिए वह जिम ,व्यायाम आदि का अभ्यास करते हैं और कुछ दिन बाद अभ्यास को छोड़ देते हैं यानी वह नियमित तौर पर इसका अभ्यास नहीं कर पाते चुकी यह कठिन प्रतीत होने लगता है लेकिन यह भी सत्य है कि लक्ष्य प्राप्ति हेतु निरंतरता का होना अति आवश्यक है Yoga For Obesity
योग एक ऐसी तकनीक है जिसके अभ्यास के पश्चात थकावट नहीं अपितु एक ताजगी और स्फूर्ति का अनुभव होता है यदि निरंतर इसका अभ्यास किया जाए तो मोटापे को आसानी से बहुत ही कम समय में मात दे सकते हैं
आइए जानते हैं योग के वह आसन जो मोटापे को कम करने में मदद करते हैं

मोटापे के लिए योग (Yoga for Obesity)

सूर्य नमस्कार

सूर्य एक प्राचीन योग का अभ्यास है इसमें 12 आसन सम्मिलित है जिसमें शरीर का संपूर्ण व्यायाम होता है इसके द्वारा शरीर के प्रत्येक अंग पर खिंचाव उत्पन्न होता है और यह मोटापे को कम करने के लिए एक रामबाण की तरह है

विधि –

  • प्रणाम आसन – दोनों पैरों को मिलाकर अपने मैट या दरी पर खड़े हो जाएं शरीर को सीधा रखें यदि मुश्किल हो तो दोनों पैरों के बीच थोड़ी सी दूरी बना ले अब यहां से दोनों हाथों को नमस्कार की स्थिति में ले आयें
  • हस्त उत्तानासन – सांस भरते हुए दोनों हाथों को उठाकर पीछे की ओर झुक जाए
  • पादहस्तासन- सांस को छोड़ते हुए हस्त उत्तानासन से अपने हाथों को आगे की ओर खींचते हुए अपने दोनों पांव के बगल में रख दें।
  • अश्व संचालन आसन- सांस लेते हुए पादहस्तासन से अपने दाएं पैर को पीछे की ओर खींचे और हाथों को बाएं पैर के बगल में रखें, ऊपर की ओर देखने का प्रयास करें।
  • पर्वतासन – सांस छोड़ते हुए अश्व संचालन आसन से बाएं पैर को भी दाएं पैर के साथ पीछे ले आए और पर्वत के समान आकृति बनाएं
  • अष्टांग नमस्कार – सांस छोड़ते हुए अपने घुटनों, छाती और ठुड्डी को जमीन से लगा दें।
  • भुजंगासन – सांस लेते हुए अष्टांग नमस्कार आसन से अपनी छाती को उठाएं और हाथों को सीधा रखें।
  • पर्वतासन- सांस छोड़ते हुए पर्वत के समान आकृति बनाएं ।
  • अश्व संचालन आसन सांस लेते हुए पर्वतासन से बाएं पैर को अपने दोनों हाथों के बीच में रख दें।
  • पादहस्तासन – सांस छोड़ते हुए अपने पीछे वाले पैर को आगे ले आए और हाथों को दोनों पांव के बगल में रख दें।
  • हस्त उत्तानासन – सांस भरते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर खींचे और पीछे की ओर झुक जाएं।
  • प्रणाम आसन- सांस छोड़ते हुए हस्त उत्तानासन से दोनों हाथों को नमस्कार की अवस्था में ले आएं।

नोट- इस प्रकार यही अभ्यास दूसरे पैर भी दोहराएं।

त्रिकोणासन

दोनों पैरों के बीच 4 फीट की दूरी बना ले और दाएं पंजे को दाई और निकाल लें फिर सांस लेते हुए दोनों हाथों को कंधे की सीध में ले आए सांस छोड़ते हुए दाएं और झुके दाएं हाथ से दायाँ टखना पकड़े फिर बाएं हाथ को ऊपर की ओर खींचे बाएं हाथ की उंगली को ऊपर की ओर देखें बने रहने के बाद सांस लेते हुए ऊपर आ जाएं और फिर वही से दाएं पंजे को अंदर की ओर बाएं पंजे को बाहर की तरफ ले जाएं यही अभ्यास बायीं और करें।

भुजंगासन

पेट के बल जमीन पर लेट जाएं हाथों को छाती के बगल में रखें एक लंबी सांस भरते हुए अपनी छाती को और माथे को ऊपर उठाएं पीछे की ओर देखने का प्रयास करें कुछ देर तक इसी अवस्था में बने रहें और थोड़ी देर बाद स्वास को छोड़ते हुए माथे को जमीन पर ले आए
दो-तीन बार इस अभ्यास को दोहराएं

भुजंगासन

मेरुदंड वक्रासन

दोनों पांव को मिलाकर बैठ जाएं यहां से अपने दाएं पांव को घुटने से मोड़ते हुए बाएं घुटने के बगल में रख दें सांस भरते हुए बाएं हाथ को ऊपर उठाएं और दाएं पैर के पंजे को पकड़ने का प्रयत्न करें और वही अपने दाएं हाथ को नितंबों के पीछे रख दें कुछ देर तक इसी अवस्था में रहने के बाद धीरे से वापस आ जाएं इसके बाद यही अभ्यास अपने बाएं पैर से दोहराएं।

नौकासन

दोनों पैरों को मिलाकर पीठ के बल लेट जाएं हाथों को नितंबों के बगल में रख दें। सांस भरते हुए अपनी पीठ को और पैरों को उठाएं हाथों को पैर की तरफ खींचे कुछ देर तक इसी अभ्यास में रहे तत्पश्चात सांस छोड़ते हुए लेट जाएं पुनः अभ्यास को दो तीन बार दोहराएं

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