मानसिक तनाव के लक्षण, कारण, योग चिकित्सा और आहार | Mental Stress in Hindi

मानसिक तनाव किसे कहते है –  किसी भी शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परिस्थिति के कारण हमारे मस्तिस्क पर उत्पन हुये दबाव को मानसिक तनाव कहते है।

जो आज के समय में सबसे बड़ी और गंभीर समस्या है। क्योंकि प्रत्येक मनुष्य किसी न किसी वजह से तनाव का शिकार होता चला जा रहा है। यह पारिवारिक चिंता, जीवनशैली, प्रेम संबंधो, भोग विलास, धोखाधड़ी, आर्थिक परेशानी के कारण उत्पन्न होता है । नकारात्मक भाव अपने अंदर रहने पर भी यह बढ़ सकता है। इसके कारण से कही तरह की मनोकायिक बीमारियां भी होती हैं।

मानसिक तनाव के लक्षण –

  1. शरीर में कंपन महसूस होना।
  2. शरीर में पसीना ज्यादा आना घबराहट और बेचैनी महसूस होना।
  3. रक्त संचार का प्रत्येक धड़कन के साथ बढ़ना।
  4. बार बार मल त्याग की इच्छा होना नींद ना आना।
  5. बार बार नीद टूटना हमेशा अकेले रहना।
  6. खुद को अकेला समझना बातों में चिड़चिड़ापन एवं बहुत गुस्सा आना।
  7. बार बार चाय कॉफी व नशीले पदार्थों की इच्छा।
  8. कार्यों में अरुचि होना काम में भी ना लगना।

मानसिक तनाव के कारण

  1. आपके अनुसार कोई कार्य ना  हो तो तनाव उत्पन्न होना।
  2. हमेशा जल्दबाजी में रहना कोई चीज ना मिलने पर तनाव।
  3. परिवार में परेशानी बने रहना चाहिए ।
  4. सभी लोगों के साथ मेल मिलाप ना होना।
  5. फेल होने का डर।
  6. हमेशा अपमानजनक स्थिति उत्पन्न होना।
  7. संभोग की इच्छा पूर्ण ना होना ।
  8. प्रेम संबंधों का ठीक ना होना ।
  9. चिंता तनाव की स्थिति बनी रहना ।
  10. बहुत ज्यादा नशीले पदार्थों का सेवन से ।

मानसिक तनाव के लिये योग चिकित्सा

योग चिकित्सा आसन, प्राणायाम और ध्यान मानसिक तनाव दूर करने के लिए लाभप्रद है । ध्यान से मानसिक शांति प्राप्त होती है ,आसन से दृढ़ता आती है ,प्राणायाम से हल्का पन महसूस होता है ,मुद्राओं का भी अभ्यास अवश्य करें मुद्रा से स्थिरता आती है । इसके कारण से बहुत सी बीमारियां उत्पन्न होती हैं, इन सभी को रोकने में लिए योग सहायक है।

मानसिक तनाव के लिये आसन –

सूर्य नमस्कार 8 से 10 बार, पवनमुक्तासन ,पश्चिमोत्तानासन ,ताड़ासन आसन, पद्मासन ,सर्वांगासन, धनुरासन आदि

मानसिक तनाव के लिये प्राणायाम –

सूर्यभेदन प्राणायाम ,भस्त्रिका प्राणायाम, भ्रमरी प्राणायाम, नाड़ी शोधन ,उज्जाई आदि। प्राणायाम का अभ्यास अवश्य करें ध्यान का अभ्यास करें त्राटक करें।

मानसिक तनाव के लिये आहार –

तनाव के कारण जठराग्नि मंद हो जाती है। जिससे कब्ज अजीर्ण  की समस्या बढ़ जाती है। जिसके लिए कोई भी ऐसा आहार ना लें जिससे कब्ज आदि की समस्या बढे,  शांत चित्त होकर भोजन करें।

मानसिक तनाव में आहार जो लेना चाहिए –

भोजन हमेशा समय पर ही करें । हमेशा ताजे फल सब्जियां ले।  जैसे खीरा, मूली, लौकी, गाजर, त्रिफला, सौंफ, इलायची, अनार, सेब ,पपीता ,अमरूद, नाशपाती ,बदाम, अखरोट, काजू, किशमिश इत्यादि।

मानसिक तनाव में कौन से आहार न ले

जैसे पूरी, छोले, समोसे आदि । मैदा युक्त पदार्थ जैसे चाऊमीन, मोमोज ,स्प्रिंग रोल, मोटी दाल, राजमा, उड़द, अधिक मसाले, भिंडी ,अरबी इत्यादि

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