वजन कम करने के लिए योग | Yoga for Weight Loss in Hindi

वेट लोस करने के लिए योगा 

Yoga for Weight Loss in Hindi:- वजन बढ़ना आज के समय में एक आम समस्या हो गयी है जिसके कारण से शरीर में भारीपन तथा अनेक रोग लग जाते है। जिसके कारण से हमारा पेट और कमर भी बढ जाती है । यदि मन बना लिया जाय तो कोई समस्या बडी नही है । ऐसे में योग रोगों को जड़ से मिटाने के लिए एक सहज साधन है । जो हर प्रकर के रोग को ठीक कर सकता है । तो आज हम आपके साथ अपने वर्षो का योग अनुभव बाँट रहे है। जो अवश्य ही आपको वजन कम (Weight Loss) करने में लाभ देगा।

Yoga Tips for Weight Loss in Hindi

  • 1 अधिक वेट बढ़ने के साथ ही सांस भी उल्टी हो जाती है । सबसे पहले अपनी सांसो को ठीक करे । सांस लिजिये और देखिये आपकी छाती ऊपर उठ रही या आपका पेट । यदि आपकी छाती उपर उठ रही है तो आपकी सांसे बिल्कुल गलत चल रही है । तो सबसे पहले आप इसको ठीक करे। इसको ठीक करने के लिये आप बैठकर अपनी आती औेर जाती सांसो की पुरी प्रक्रिया पर ध्यान दिजिये औैर सबसे पहले अपने पेट को फुलाने का प्रयास करे। इस प्रकिया को यदि आप लेटकर शव आसन में करे तो आपको ज्यादा फायदा होगा ।
  • यह आप प्रतिदिन करे इससे आपका सांस लेने का तरीका धीरे धीरे बिल्कुल ठीक हो जायेगा। और यह योगा आपको Weight Loss  में मदद करेगा।
  •   कमर के बल लेटकर पैर बिल्कुल सीधे दहिने हाथ को अपनी नाभी के उपर रखे और बाये हाथ को अपनी छाती के ऊपर रखे और धीरे धीरे लम्बी गहरी सांस लिजिये। अगले पांच से दस मिनट बिल्कुल इसी प्रकार सांसे लिजिये और छोडिये। प्र्तिदिन यह अभ्यास भी अवश्य करे । इससे आपकी सांस लेने की प्रक्रिया और लम्बी गहरी हो जायेगी। और आप जो कुछ योग या व्यायाम अपने मोटापे के लिये करेगे उससे आपको वेट लोस में पुरा पुरा फायदा होगा।

3 सुर्य नमस्कार –

सुर्य नमस्कार शरीर के लिये सम्पूर्ण व्यायाम है और यह पुर्णतः वैज्ञानिक है । मोटापा किसी भी कारण से शरीर में आया है। बहुत जल्दी आप इस मोटापा को कम होते हुये देखेगे। क्योकि वेट लोस करने के लिये सूर्य नमस्कार में आये सारे आसन हमारे शरीर के एक्यूपेशर पांइट के साथ साथ पुरे शरीर की मांस पेशियो पर काम करते है। इनका निर्माण हमारे मुनियो ने गहन ध्यान की अवस्था में जाकर किया है। इससे आपको शारीरिक लाभ के साथ मानसिक लाभ भी होगा। और एक महत्वपूर्ण बात आप आप सूर्य नमस्कार उसी जगह पर करे जहां पर शुद हवा सहजता से आ रही हो अन्यथा आप को सम्पूर्ण लाभ प्राप्त नही होगा। औैर सूर्य नमस्कार श्वासो के साथ ही करे। और हवडा तवडी में न करें।

5 वेट लोस करने के लिए कमर के बल किये जाने वाले आसन

पवनमुक्तासन सिरिज से– सबसे पहले अब कमर के बल लेट जाये  ।

उतानपदासन

इसमें पेरो को 90 डिग्री तक उठाना है और फिर कुछ देर तक यही पर रोक कर रखे ऐसा कम से कम पांच बार करे। इसके बाद पैरो का 30 डिग्री निचे लेकर आयें यहि से 90 डिग्री लेकर जाये और वापस 30 डिग्री लेकर आये नीचे न रखे कम से कम दस बार इसे करे यह पेट कम करने के लिये एक उतम अभ्यास है।

uttanpadasana

चक्र पादासन

लेटे लेटे ही एक पैर को उपर उठाकर गोल चक्र का निर्मा्रण करना है पैर को उपर उठाते हुये सांस ले और नीचे लाते हुये सांस छोडे कम से कम 15 बार सीधे और 15 बार उल्टे में चक्र बनाये यहि प्रक्रिया फिर उल्टे पैर से भी करे कुछ दिनो बाद जब शक्ति आ जाये तो दोनो पैरो से एक साथ करे । सांस लेने व छोडने पर अवश्य ध्यान दे।

(ग) सइकिलिग- कमर के बल लेट कर दोनो हाथो को अपने बटक के बगल में रखे ओेर फिर अपने एक पैर को साइकिल चालाने की भंति सांस लेते हुये उपर लेकर जाये ओेर उसके बाद सांस छोडते हुये नीचे लेकर आये। अपनी सामथ्र्यं के अनुसार 20 से तीस बार करे।

पैर बदल कर दूसरे पैर से भी धीरे धीरे इसी अभ्यास को करे।

इसके बाद दोनो पैरो से एक साथ उठाकर करे।

सुप्त पवन मुक्तासन

एक पैर का मोडकर घुटने से इसे दानो हाथो से पकड ले और नाक को घुटने से लगाने का प्रयास करे।

दुसरे पैर से भी करे

इसके बाद दोनो पैरो से एक साथ करे।

नौकासन

कमर के बल लेटे लेटे ही दोना पैरो को उपर उठा दे और पीछे से कमर को भी उठा दे अपने हिप्स के बल पर आ जाये पैरो को ओैर कन्धो को एक सीध में रखने का प्रयास करे।

तत पश्चात शश्आकसन में आराम करे

6 – वेट लोस के लिए पेट के बल  किये जाने वाले आसन

पेट के बल लेट जाये और एक दो लम्बी गहरी सांस लेकर कुछ आसन  करे

भुजगआसन

दोनों हाथो को छाती के बगल में रखे और पैर एक दुसरे के साथ मिले रहे। घुटने एक दुसरे को टच कर रहे हो। अब नाभि से ऊपर छाती का हिस्सा ऊपर को उठाने का प्रयास करे नाभि जमीन पर ही रहे। इसी अवस्था में कम से कम ३० सेकेण्ड तक रुके रहे धिरे से वापस आ जाये तीन से चार बार करे। 

धनुरासन

दोनों पैरो को घुटनो से मोड़ दे और हाथो से अपने एंकल या अगूठे को पकड़े और छाती और पैरो को ऊपर उठाए। नाभि को जमीन पर लगे रहने दे । इसी स्थिति में कुछ देर बने रहे और धीरे से वापस आ जाये       

सलभासन

दोनों हाथो को अपनी थाई के निचे रखे हथेलिया निचे की और रहे अब पैरो को जमीन से ऊपर उठाने का प्रयास करे यही पर रुके रहे फिर धिरे धिरे वापस आये

अब शशांक आसन करे – दोनों गुटनो पर आ जाये और पीछे से पैर थोडा खोल दे और अपने नितम्ब पर बैठ जाए और छाती और माथा भी जमीन पर लगा दे और इसी स्थिति में आराम करे।

वेट लोस करने के लिए प्राणायाम

वेट लोस करने के लिए योग करने के बाद या पहले आप प्राणायाम समय के अनुसार निरंतरता के साथ अवश्य करे। शरीर में कोई भी विकार तब ही आता है जब हमारे शरीर में अंसतुलन पैदा होता है। और इस अंसतुलन को समाप्त करने का एक ही माध्यम है प्राणायाम । क्योकि प्राणायाम से ही हमारे शरीर मे उन्पन हुये असंतुलन को संतुलित किया जा सकता है। इसलिये

  • 1 कपालभांति
  • 2 भस्त्रिका
  • 3 नाडी शोधन अनुलोम विलोम
  • 4 भ्रामरी प्रणायाम
  • 5 उज्यायी प्रणायाम

अवश्य निरंतरता के साथ करें।

दोस्तो लगातार योग करते रहे आपको वेट लोस करने में लाभ अवश्य होगा । हो सके तो किसी योग स्टूडियो को ज्वाइन कर लिजिये । जिससे आप योग के टच मे रहेगे और आप का मन भी लगा रहेगा। निराश बिलकुल भी न हो । योग से आप की समस्या जल्द ठीक हो जायेगीं।

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