चर्बी घटाने के लिए योग | Charbi Ghatane Ke Liye Yoga

संतुलित आहार एवं जीवन शैली के कारण शरीर कई रोगों की चपेट में आने लगता है। जिससे व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक क्षमता पर गहरा प्रभाव पड़ता है। असंतुलित आहार से शरीर मैं चर्बी का स्तर बढ़ जाता है जिससे कि लोग मोटापे के शिकार हो जाते हैं। शरीर में चर्बी का बढ़ना कई रोगों के लिए दावत देने जैसा है। इसलिए जरूरी है कि अपने शरीर को चुस्त एवं तंदुरुस्त रखा जाए। शरीर को फिट बनाए रखने के लिए हम अपने दैनिक जीवन में योग को अपना सकते हैं।

योग में कई आसन ऐसे हैं जिनके रोजाना अभ्यास से हम अपने शरीर की बनावट को अच्छा बना सकते हैं और पेट में बनी चर्बी को कम कर सकते हैं। इसके लिए हमें रोजाना योगासन करने की आवश्यकता है आइए जानते हैं उन योगासनों के बारे में जिनसे शरीर सुदृढ़ एवं मजबूत बनता है और जो मोटापे को कम करते हैं।

चर्बी घटाने के लिए योग

चर्बी (मोटापे) को कम करने के लिए सूर्य नमस्कार का अभ्यास

सूर्य नमस्कार एक ऐसी वैज्ञानिक तकनीक है जिससे कि हम अपने शरीर को तरोताजा रख सकते हैं और कई प्रकार की बीमारियों से अपने शरीर को बचा सकते हैं। सूर्य नमस्कार से सभी प्रकार के मांसपेशियों का व्यायाम अच्छी तरीके से हो जाता है खास तौर पर यह मोटापे के लिए बहुत ही अच्छा योग है यदि हम निरंतर सूर्य नमस्कार का अभ्यास करते हैं तो केवल 15 दिन के अंदर ही शरीर का मोटापा धीरे-धीरे कम होने लगेगा।

भुजंगासन –

यह आसन पेट के बल लेट कर किया जाने वाला आसन है इस आसन के अभ्यास से पेट की मांसपेशियों पर एवं हृदय की मांसपेशियों पर खिंचाव उत्पन्न होता है। जिससे कि पेट में जमी अतिरिक्त चर्बी खत्म होने लगती है यह आसन न सिर्फ पेट के रोगों के लिए बल्कि फेफड़ों और कब्ज के रोगों के लिए भी कारगर है।

भुजंगासन

शलभासन –

शलभासन भुजंगासन की तरह ही पेट के बल लेट कर क्या जाने वाला आसन है और लगभग भुजंगासन की तरह ही यह पेट की मांसपेशियों पर प्रभाव डालता है। पेट के बल लेट जाए, और फिर दोनो हाथो को जांघ के निचे आपस में फंसा दे और साँस लेकर धीरे से दोनों पैरो को ऊपर उठाये और कुछ देर रुके और फिर साँस छोड़ते हुए धीरे से वापस आये ।

शलभासन

उष्ट्रासन

यह आसन घुटनों के बल किया जाने वाला आसन है इस आसन के अभ्यास में ऊंट के समान आकृति बनती है इसलिए इसे उष्ट्रासन कहा गया है यह आसन पेट पर जबरदस्त खिंचाव उत्पन्न करता है और जांघों पर जमी चर्बी को भी कम करता है।

धनुरासन

यह आसन पेट के बल लेट कर किया जाता है इस आसन को करने के लिए अधिक एनर्जी की आवश्यकता होती है लेकिन रोजाना अभ्यास करने पर यह आसानी से होने लगता है।

पादांगुष्ठासन

यह आसन खड़े होकर क्या जाने वाला आसन है इस आसन की निरंतर अभ्यास से पेट की आंतें उत्तेजित होती है और उस उत्तेजना से पेट में ब्लड का सरकुलेशन अच्छी तरीके से होने लगता है जिससे पेट में जमीन अतिरिक्त चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है और साथ ही यह पीठ के कड़क पन को भी दूर करता है।

पश्चिमोत्तानासन

यह आसन बैठकर किया जाने वाला आसन है padangusthasan के समान ही यह पेट की आंतों के लिए लाभकारी है और साथ ही पैरों एवं पीठ की मांसपेशियों को भी मजबूत करता है।

पश्चिमोत्तानासन

नौकासन

इस आसन में नौका यानी नाव के समान आकृति बनती है इसलिए इसको नौकासन नाम दिया गया है यह आसन पेट के लिए अत्यंत लाभकारी है आंतों में जमी कब्ज को एवं पेट में जमी चर्बी को कम करने के लिए यह आसन अधिक लाभकारी है और साथ ही यह शरीर की बनावट को सुदृढ़ करने में सहायक है।

बेहतर खानपान

अपने दैनिक जीवन में हमें योग को अपनाना है साथ ही अपने खानपान को बेहतर बनाने की आवश्यकता भी है इसके लिए जरूरी है कि हम फैटी पदार्थों के सेवन से बचें मैदा से बनी चीजों एवं फास्ट फूड से परहेज करें और ओवरईटिंग न करें ताजे फलों का जूस और सलाद इसके अलावा हरी सब्जियों का सेवन करें और अंकुरित सलाद या अंकुरित बीजों का सेवन करें और रोजाना खाली पेट सुबह उठकर पेट की सफाई के लिए दो गिलास गर्म पानी पिए।

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