योगासन करने का सही अनुक्रम | Yoga Asana Sequence for Teaching Hindi

योगासन का सही क्रम क्या है ?

योगासन करने का सही अनुक्रम (Yoga Asana Sequence): -आज के समय में बहुत सारे लोग योग कर रहे हैं लेकिन योग के अभ्यास से उन्हें इंजरी हो रही है । क्योंकि बहुत सारे लोगों को योग का सही क्रम यानी कि आसनों का सही क्रम नहीं पता है । और वह शुरुआत में बिना कर्म को जाने हुए योग के अभ्यास को करते हैं जिससे कि कई लोगों की नसों में या फिर मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है ।

यदि हम नियमित रूप से आसनों को सही क्रम में करें तो इंजरी होने की संभावनाएं नहीं रहती है और साथ ही शरीर की लचक (फ्लैक्सिबिलिटी) जल्दी से बढ़ती है । लेकिन लोग शरीर की लचक को जल्दी बढ़ाने के चक्कर में शुरुआत से ही एडवांस करने का प्रयास करने लगते हैं इसलिए योगासनों के सही क्रम को जानना बहुत आवश्यक है
योगासनों में कई तरह से किए जाने वाले आसन हैं जैसे कि –

  • पवनमुक्तासन समूह सूक्ष्म आसन
  • सूर्य नमस्कार
  • खड़े होकर किए जाने वाले आसन
  • बैठकर किए जाने वाले आसन
  • घुटनों के बल किए जाने वाले आसन 
  • पेट के बल लेट कर किए जाने वाले आसन 
  • पीठ के बल लेट कर किए जाने वाले आसन 
  • सिर के बल किए जाने वाले आसन 
  • गत्यात्मक आसन
  • कठिन आसन  
  • प्राणायाम

योग आसनों का सही अनुक्रम (Yoga Asana Sequence)

पवनमुक्तासन समूह

नए-नए योगाभ्यासीयों के लिए यह समूह बहुत ही जरूरी है इस समूह में मुख्य तौर पर शरीर के सभी जोड़ों का अच्छी तरह से व्यायाम हो जाता है और शरीर फिर आसनों के लिए तैयार हो जाता है। 

सूक्ष्म आसन

सूक्ष्म आसनों से अभिप्राय यहां कम गतिशीलता वाले योग के आसनों से है जैसे कटिचक्रासन शशांक आसन ,मार्जरी ,आसन व्याघ्रासन आसन , ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन ,वृक्षासन  आदि

सूर्य नमस्कार

पवनमुक्तासन समूह और सूक्ष्म आसनों के अभ्यास के पश्चात सूर्य नमस्कार का अभ्यास करना चाहिए सूर्य नमस्कार में 12 आसन होते हैं जो कि शरीर के सभी जोड़ों और मांसपेशियों पर प्रभाव डालते हैं जिससे कि शरीर और आगे वाले आसनों के लिए तैयार हो जाता है। 

खड़े होकर किए जाने वाले आसनों का क्रम

सूर्य नमस्कार के बाद खड़े होकर किये जाने वाले आसान किये जाने चाहिए जैसे – त्रिकोणासन, पाश्र्वकोणासन, वीरभद्रासन, पाश्र्वोत्तानासन, नटराज आसन आदि ।

बैठकर किए जाने वाले आसनों का क्रम 

खड़े होकर किये जाने वाले आसनो के बाद बैठकर किये जाने वाले आसन किये जाने चाहिए जैसे –
पश्चिमोत्तानासन, पूर्वोत्तानासन , जानू शीर्षासन , मेरुदंड वक्रासन , अर्ध मत्स्येंद्रासन , गोमुखासन आदि ।

घुटनों के बल किए जाने वाले आसनों का क्रम 

बैठकर किये जाने वाले आसान के बाद घुटनों के बल किये जाने वाले आसान करे । जैसे – वज्रासन ,उष्ट्रासन, मार्जरी आसन ।

पेट के बल किए जाने वाले आसनों का क्रम 

घुटनों के बल के आसान के बाद पेट के बल किये जाने वाले आसान करे जैसे –
अर्ध भुजंगासन, भुजंगासन, अर्ध शलभासन ,धनुरासन -पश्चिमोत्तानासन 

पीठ के बल किए जाने वाले आसनों का क्रम  

सेतुबंध आसन, पवनमुक्तासन, चक्रासन ,मर्कटासन उत्तानपादासन

सिर के बल या उल्टे किए जाने वाले आसनों का क्रम

सर्वांगासन , हलासन, कर्णपीड़ासन ,शीर्षासन 

अंत में शवासन

नोट- 
 दिए गए आसनों में कुछ एडवांस आसन भी शामिल है जैसे – चक्रासन, धनुरासन , कर्ण पीडासन, नहीं अभ्यार्थियों को इन आसनों का अभ्यास अपनी शारीरिक क्षमता के अनुरूप या फिर किसी कुशल प्रशिक्षक के सानिध्य में करना चाहिए और भुजंगासन के बाद शशांक आसन व धनुरासन के बाद पश्चिमोत्तानासन करना अनिवार्य है। 

Leave a Comment

error: Content is protected !!