अच्छी गहरी नींद आने के उपाय | Good Deep Sleep Tips in Hindi

Good Deep Sleep Tips in Hindi:-

गहरी नींद क्या है ?

गाढ़ी नींद वह नींद है जिसमें एक जीवित मनुष्य शव की भांति निश्चेष्ट होकर सम्पूर्ण रूप से विश्राम करता है । एक नवजात स्वस्थ शिशु की नींद को गहरी नींद कह सकते है ।

सपनों से भरी नींद को गहरी नींद कभी नहीं कह सकते । गहरी नींद में शरीर के अंग – प्रत्यंग को आराम मिलता है । और व्यय हुई ऊर्जा पुनः प्राप्त हो जाती है । गहरी नींद में श्वास की गति धीमी हो जाती है नाड़ियां सने सने चलने लगती हैं और मस्तिष्क में रक्त की मात्रा कम हो जाती है ।

गाढ़ी नींद से पूर्व सोने वाले की स्पर्श एवं श्रवण शक्तियों का लोप हो जाता है । नींद खुलने पर ऐसे व्यक्ति की सर्वप्रथम श्रवण शक्ति लौटती है , तत्पश्चात स्पर्शशक्ति । आंखें सबसे बाद में खुलती हैं ।
जिसको अपने मन अथवा चित्त पर नियंत्रण करना आता है वह कहीं भी , किसी भी मस्तिष्क अवस्था में एकाग्रचित्त होकर गाढ़ी नींद ले सकता है ।

उदाहरणार्थ वृद्धावस्था में भी महात्मा गांधी जब चाहते थे आंखे बन्द करके तथा अपने मन के घोड़ो को अति शीघ्र रोककर गहरी और मीठी नींद ले लेते थे ।
स्मरण रखना चाहिए तीन घण्टे की गाढ़ी नींद , आठ घटें की उथली व सपनों वाली नींद से कहीं अधिक अच्छी और उत्तम होती है ।
नैपोलियन बोनापार्ट दिन और रात में केवल तीन घटें सोया था और  फिर भी आजीवन निरोग रहा ।
इसका रहस्य यही है कि जगाकर जब वह बिस्तर पर जाता तो केवल सोने के लिए ही जाता । और क्षण मात्र में ही उसे गहरी नींद आ जाती ।

गहरी नींद आने के कुछ उपाय

  • गहरी नींद लाने के लिए प्रत्येक दिन कोई सा भी योग आ व्यायाम करते रहना चाहिए।
  • मेहनती आदमी को हमेशा गहरी नींद आती है।लेकिन आलसी और निठल्ले यक्ति बिस्तर पर पड़े पड़े करवटे बदलतें रहते है। और उनको नीद नही आती है।
  • सोने जाने से पहले दिमाग को सांसारिक झंझटो प्रपंचों से शून्य हो जाये फिर बिस्तर पर जाए।
  • सूर्यास्त के पूर्व ही रात का भोजन कर लेना चाहिए। ताकि नींद आने तक पाचन का कार्य पूर्ण हो जाये । ऐसा नियम रखने से गहरी नींद न आने में दिक्कत कभी नहीं होती है ।
  • एकदम खाली पेट तथा ठूस – ठूस कर भरे पेट दोनों अवस्थाओं में अच्छी नींद नहीं आती सोने से पहले दूध पीकर सोना अच्छी आदत नहीं है ।
  • रात को गहरी नींद लाने के लिए पखाना पेशाब से निवृत्त होकर जल से गुप्त इन्द्रीय , हाथों पैरों , तथा मुख मण्डल को धोकर फिर बिस्तर पर जाना चाहिए ।
  • सोने का स्थान स्वच्छ साफ और हवादार होना चाहिए । बिस्तर भी स्वच्छ व साफ सुथरा होना चाहिए। बिस्तर ज्यादा गुदगुदा नहीं होना चाहिए । निर्जन स्थान और अधेरे में सोने से नींद अच्छी आती है ।
  • सोते वक्त मनुष्य जिस स्थिति में सोता है , नींद पर इसका भी प्रभाव बहुत पड़ता है । वैसे तो जिस करवट अधिक सही लगे उसी करवट सोने से नींद अच्छी आती है।
  • प्रायः चित्त लेटने से गाढ़ी नींद नहीं आती और स्वप्न अधिक आते है । छाती पर हाथों को रखकर उत्तान सोना तो एकदम गलत है । पीठ के बल सोने से शरीर की क्रियाएं  ठीक – ठीक नहीं हो पाती , खून का दौरा मन्द गति से होने लगता है , और शरीर साधारणतः कमजोर पड़ जाता है । पीठ के बल सोना पृष्ठ शूल , मिर्गी , नजला , तथा इसी प्रकार के कई अन्य रोगों को निमंत्रण देता है ।
  • बाई करवट लेकर सरल रेखा में लेटना सर्वोत्तम है , इससे श्वास नली सीधी रहती है और शरीर में प्राण वायु का संचार बेरोकटोक होता रहता है । जिसका एक वैज्ञानिक कारण है वह यह कि शरीर के बाईं ओर की नाड़ियों को इड़ा तथा दाहिनी ओर की नाड़ियों पिगला कहते है । इडा में चन्द्र और पिंगला में सूर्य की कल्पना की जाती है । अतः रात में बायीं करवट सोने से प्राण वायु दाहिने नासापुट से स्वभावतः भीतर प्रवेश करता है जिससे सूर्य की शक्ति मिलती है। इस प्रकार चन्द्रमा कि ठंडक के साथ सूर्य की उष्णता मिलने से मनुष्य की प्रकृति में साम्यता रहती है । यही कारण है कि बाई करवट सोने वाले यक्ति काफी लंबी आयु वाले होते हैं। फिर भी जिन्हें ह्रदय संबंधी कोई रोग हो उन्हें बाई करवट ना होकर दाहिनी करवट सोने में ही लाभ है।

कुछ डॉक्टर पेट के बल सोना उत्तम बताते हैं उनका कहना है कि पेट के बल सोने से पाचन क्रिया में सहायता मिलती है। परंतु इस अवस्था में मुंह नीचे की ओर नहीं होना चाहिए अन्यथा नेत्र विकार होने का भय रहता है। पेट के बल सोकर सिर को इस भाँति तकिये पर रखना चाहिए अजीत सिंह मुख्य मंडल या तो दाई हो या बाएं और। मनुष्य को छोड़कर लगभग सभी प्राणी पेट के बल ही सोते हैं।
दाहिनी करवट देर तक सोना मना है। कारण इस स्थिति में सोने से यकृत पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। जिससे उसके कार्य मे बाधा उत्पन होती है। फलतः मनुष्य को अग्निमांद्य की शिकायत हो जाती है।

  • बिस्तर पर लेटकर किसी यक्ति के द्वारा यदि आपके बालों पर सहजता से धीरे धीरे कंघी की जाए तो गहरी नींद जल्दी आ जाती है। इस नुस्खे को कही लोगो ने सफलतापूर्वक आजमाया है और उनको बहुत लाभ हुआ।
  • सोते समय अपने चित्त को एकाग्र कर लेने से नींद जल्दी आती है। इसके लिए कोई किताब पढ़ना, कोई कथा सुनाना, मीठा संगीत सुनना।
  • सोते समय उस समय तक घर के आंगन में तब तक टहलते रहे जब तक थकान ना महसूस होने लगे। किसी भी प्रकार के फालतू के विचार पर ध्यान ना लागये और सीधे जाकर बिस्तर जाकर लेट जाएं जल्दी गहरी नींद आ जायेगी।
  • बिस्तर पर लेटकर सहजता से लंबी,गहरी  और धीमी सांस ले और छोड़े। ऐसा कम से कम 11 बार जरूर करें। और सांस लेते समय सो और छोड़ते समय हम का उच्चारण मानसिक से कर सकते है । जल्दी गहरी नींद आ जायेगी।
  • बिस्तर लेटकर आप सांस लेते समय 1 और छोड़ते समय 2 की गिनती करे। और इस गिनती को 108 तक जारी रखे। आपको पता भी नही चलेगा नीद कब आयी।

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