अल्सर के मुख्य लक्षण | कारण | शुद्धि क्रिया | योगासन | आहार

अल्सर पाचन तंत्र का रोग है । यह अमाशय में घाव हो जाने के कारण उत्पन्न होता है । इसमें लगातार पेट दर्द की समस्या बनी रहती है। कब्ज के बहुत ज्यादा बढ़ जाने के कारण भी यह समस्या होती है। भोजन के ढंग से न पचने के कारण भी अल्सर की समस्या बढ़ जाती है। यह अनुचित खानपान व्यायाम की कमी खाने में अत्यधिक अम्ल ग्रहण करना आदि से होती है। इससे गैस्ट्रिक अल्सर भी कहा जाता है। यह अमाशय से जुड़ी हुई इसमें हमारे फेफड़ों के बीचो बीच दर्द अनुभव होता है जो भोजन के तुरंत बाद उठता है। कभी-कभी खून की उल्टियां भी हो सकती है।

8 अल्सर के लक्षण

1.छाती के बीचो-बीच पीड़ा का अनुभव होना।
2.खाने का ठीक से ना पचना।
3.पेट में दर्द होना।
4.ज्यादा समय तक कब्ज की समस्या बने रहना।
5.खून की उल्टी होना गैस्टिक की समस्या होना।
6.आमाशय अम्लता का बढ़ जाना।
7.बार-बार पानी पीने की इच्छा हो ना ।
8.भोजन के बाद पेट का फूलना।

11 अल्सर के कारण

1.भोजन का ठीक प्रकार से ना पचना धूम्रपान इत्यादि।
2.नशीले पदार्थों का सेवन करना।
3.गरिष्ठ पदार्थों का इस्तेमाल करना।
4.अत्यधिक मसालेदार चीजें खाना पेट में दर्द होना ।
5.अत्यधिक तनाव होने के कारण ।
6.भोजन में वसा की मात्रा बढ़ जाने के कारण।
7.कब्ज की समस्या बढ जाने के कारण।
8.आमाशय में रसो के असंतुलन होने से।
9.जठराग्नि का धीमा होने के से।
10.ताजे फल सब्जियों की कमी के कारण से।
11.भोजन में रसा आहार कम होने के कारण से।

अल्सर के आचरण संबंधी नियम

अपनी दिनचर्या पर विशेष ध्यान रखें खाने में रसा हार फल सब्जियों का इस्तेमाल करें । घर में दरवाजे खिड़कियां खुले रखें । स्वच्छ ऑक्सीजन ग्रहण करें। नशीले पदार्थों से बचे । जब नींद आए तभी सोना है । बिना भूख के भोजन न करें। यथासंभव जितना हो सके आसन व प्राणायाम करें ध्यान करें । गरिष्ठ भोज्य पदार्थों के सेवन से बचे ।

अल्सर के लिए शुद्धि क्रिया

शरीर में कब्ज न बढ़े इसीलिए लघु शंख प्रक्षालन कुछ समय बाद कर सकते हैं। नीति क्रिया तथा सूत्र नेती भी आवश्यकता अनुसार कर सकते हैं। शरीर को कष्ट ना दें यथासंभव ही करें।

अल्सर के आसन

कोई भी ऐसा आसन न करें जिससे आपके पेट पर तकलीफ हो । हल्के आसन ही करें। – जैसे

Pawanmuktasana

पवनमुक्तासन

एक दो बार पैरों को हिलाना, हाथों को घुमाना, ज्यादा से ज्यादा टहलना, अगर संभव हो तो सूर्य नमस्कार करें।

अल्सर के लिए प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम ,नाड़ी शोधन प्राणायाम ,सूर्यभेदी प्राणायाम ,चंद्रभेदी प्राणायाम, शीतली प्राणायाम यथासंभव करें| अनावश्यक जोर ना लगाएं।

अल्सर के लिए आहार

हल्का सुपाच्य भोजन करें । फलों का रस ,उबली हुई सब्जियां, सूप, खिचड़ी, उबली दाल, दूध, दही ,फल इत्यादि शरीर के लिए लाभदायक है । गरिष्ठ भोजन के सेवन से बचें जैसे- पकोड़े ,समोसे ,अत्यधिक मिर्च, मसालेदार भोजन, छोले पूरी ,मदिरापान, शरीर के लिए हानिकारक है।

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