Motivational Hindi Poem on Time About Success

मेरा वक्त बदलेने तो दीजिए

अभी संभले है जरा और संभलने तो दीजिये

कुछ देर लहू और उबलने तो दीजिए

जरा पैरों को खड़े उठने तो दीजिए

 सोचा है जो भी मैंने पूरा करूंगी

थोड़ा सा मेरा वक्त बदलने  तो दीजिए

तय करके निखर आएगी शख्सियत मेरी

हमराह मुझे आग पर चलने तो दीजिए

यह शीश महल दोड़कर कदमों पर आएंगे 

तरकस से  मेरे तीर निकलने  तो दीजिए 

माहौल बदल जाएगा कुछ देर में 

जेहनो में जमी बर्फ, पिघलने तो दीजिए

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