अभ्यास का फल कहानी | Fruit of Practice Hindi Story

एक बार गोहरी माफी नाम के एक गांव में एक सरकस वाला आया। जिसका नाम  गूडू होता है । गूडू अपने कही प्रकार के करतब दिखा रहा था। सभी लोग उसकी काफी तारीफे कर रहे थे। और तालियो से उसका स्वागत कर रहे थे।

अब वह खंम्बो से बंधी हुयी रस्सी पर आर पार जा रहा था। तभी गांव में एक तेल बेचने वाला आया। जिसका नाम मसू था। वह लोगो से कहने लगा जादू वादू कुछ नही होता है यह सब तो अभ्यास की बात है । मेहनत और अभ्यास से सब हो जाता है।

कुछ देर के लिये लोगो का ध्यान जादूगर से हट गया। लेकिन गूडू ने अपना प्रदर्शन जारी रखा। और जादू खत्म होने के बाद वह मसू के पास गया और बोला सभी लोग मेरी तारीफ कर रहे है लेकिन तुम नही क्या यह सब तुम भी कर सकते हो।

अब तेल बेचने वाला मसू भी लोगो का तमाशा बन गया था। उसने अपने तेल का घडा अपने कंधो पर रखा और नीचे बोतल के ऊपर एक पुराने जमाने का सिक्का रखा जिस पर एक छोटा छेद था। तेल की धार बनाकर धीरे धीरे उस बोतल को भर दिया और थोडा सा भी तेल जमीन पर नही गिराया।

अब तेल बेचने वाले मसू ने यह सब करने को जादूगर गूडू को बोला। लेकिन वह यह सब नही कर पाया और बोला देखा गूडू यह सब अभ्यास की बात है।

दोस्तो हमे इस कहानी से यह सीख लेनी चाहिये कि लगातार अभ्यास ओर लग्न से हम किसी भी काम को सीख सकते है।

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